Nusrat Fateh Ali Khan Lyrics

Ye Jo Halka Halka Suroor Hai Lyrics Nusrat Fateh Ali Khan

Ye Jo Halka Halka Suroor Hai Lyrics Nusrat Fateh Ali Khan

Ye Jo Halka Halka Suroor Hai Lyrics Nusrat Fateh Ali Khan. Farrukh Ali Khan , Iqbal Kasoori Naqibi and Nusrat Fateh Ali Khan is a Writer of this Song. Sony Music Published it.

Ye Jo Halka Halka Suroor

Yeh jo halka halka suroor hai
Yeh teri nazar ka kusoor hai
Ke sharaab peena sikha diya
Yeh teri nazar ka kusoor hai
Ke sharaab peena sikha diya
Yeh jo halka halka suroor hai
Yeh teri nazar ka kusoor hai
Ke sharaab peena sikha diya

Tere pyaar ne teri chaah ne
Teri behki behki nigaah ne
Mujhe ek sharaabi bana diya
Teri behki behki nigaah ne
Mujhe ek sharaabi bana diya
Teri behki behki nigaah ne
Mujhe ek sharaabi bana diya
Teri behki behki nigaah ne
Mujhe ek sharaabi bana diya

Sharaab kaisi khumaar kaisa
Ye sab tumhari nawaeishen hain
Pilayi hai kiss nazar se tu ne
Ke mujhko apni khabar nahi hai
Teri behki behki nigaah ne
Mujhe ek sharaabi bana diya
Teri behki behki nigaah ne
Mujhe ek sharaabi bana diya

Sara jahan mast
Jaha ka nizam mast
Tum mast sheesha mast
Sab mast jaam mast
Din mast raat mast
Sahr mast shaam mast
Yun jo saaqi har tarah ki
Tere maikhane mai hai
Yun jo saaqi har tarah ki
Tere maikhane mai hai
A woh bhi thori si
Jo in aankhon ke
Paimaanay mein hai
A woh bhi thori si
Jo in aankhon ke
Paimaanay mein hai

Sab samajhta hoon teri ishvaagari ai saki
Kaam karti hai nazar, naam hai maikhane ka
Teri behki behki…

Tera piyaar hai meri zindagi
Bus meri zindagi tera pyaar hai
Bus meri zindagi tera pyaar hai

Na namaaz aati hai mujh ko na wuzu aata hai
Sajda kar leta hoon jab saamnay tu aata hai
Bus meri zindagi…Tera piyaar hai
Bus meri zindagi tera pyaar hai
Meri Meri Meri
Bus meri zindagi tera pyaar hai
Haan meri zindagi Teri yaad Hai
Meri Badagi

Jo teri khushi woh meri khushi
Jo teri khushi woh meri khushi
Yeh mere junoon ka hai mojza
Yeh mere junoon ka hai mojza
Jahan apne sar ko jhuka diya
Wahan mein ne kaaba bana diya

Mere baad kiss ko sataao ge
Mere baad kiss ko sataao ge

Mein ne un ke saamne awwal-to-khanjar rakh diya
Phir kaleja rakh diya dil rakh diya sar rakh diya
Aur arz kiya mere bad kisko sataao ge
Mujhe kis tarha se mitaao ge
Kahan ja ke teeri chalaao ge
Meri doosti ki balaayen lo
Mujhe haath utha kar duaaein do
Tumhein ek kaatil bana diya

Yeh jo halka halka suroor hai
Yeh teri nazar ka kusoor hai
Ke sharaab peena sikha diya

Yeh jo halka halka suroor hai
Yeh teri nazar ka kusoor hai
Ke sharaab peena sikha diyat


साक़िया क्या पिला दिया तूने
पीते पीते जला दिया तूने
ना खबर अपनी है ना लत की
मस्त-ओ-बेखुद बना दिया तूनेये

जो हल्का हल्का सुरूर है
ये तेरी नज़र का कुसुर है
के शराब पीना सिखा दिया

तेरे प्यार ने तेरी चाह ने
तेरी बहकी बहकी निगाह नै
मुझे इक शराबी बना दिया

मेरी वादा नोशी के वास्ते
कोई कैद-ए-जाम-ओ-सुबू नहीं
मुझे कैफ रहता है हर घडी
ये तेरी निगाह की बात है …
बस

तेरी बहकी बहकी निगाह नै
मुझे इक शराबी बना दिया

तेरे करम का भला क्या शुमार है साकी
जिसे भी देख वो मेहवे खुमार है साकी
वो वादा नोश हु मौतों हयात का जिसकी
तेरी नज़र पे ही दरो-मदार है साकी
रहे ना कोई भी महरूम तेरे मस्तो में
के मयकदे का परवरदिगार है साकी
वो कोन है जो तेरे मयकदे से बच निकला
तेरी नज़र का तो आलम शिकार है साकी

तेरी बहकी बहकी निगाह नै
मुझे इक शराबी बना दिया

शराब कैसी, खुमार कैसा
ये सुब तुम्हारी नवाज़िशें हैं
पिलाई है किस नज़र से तू नै
के मुझको अपनी खबर नहीं है

तेरी बहकी बहकी निगाह नै
मुझे इक शराबी बना दिए…

ये कैसा जाम-ए-मोहब्बत पिला दिया तूने
के दिल में हुस्न का नक्शा जमा दिया तूने
तेरी आता के तसद्दुक तेरी नज़र के निसार
मै क्या था और क्या बना दिया तूने

तेरी बहकी बहकी निगाह नै
मुझे इक शराबी बना दिए…

सारा जहान मस्त , जहां का निजाम मस्त
दिन मस्त, रात मस्त, सहर मस्त शाम मस्त
मस्त शीशा, मस्त सब, मस्त जाम मस्त
है तेरी चश्म-ए-मस्त से हर खास-ओ-आम मस्त

यूँ तो साकी हर तरह की तेरे मैख़ाने में है
दे वो भी थोड़ी सी जो इन आँखों के पैमाने में है
सब समझता हु तेरी इशवा-करी ऐ साकी
काम करती है नज़र नाम है पैमाने का

तेरी बहकी बहकी निगाह नै
मुझे इक शराबी बना दिया

तेरा प्यार है मेरी ज़िन्दगी
तेरा प्यार है मेरी ज़िन्दगी

तेरा प्यार है बस मेरी ज़िन्दगी
तेरा प्यार है बस मेरी ज़िन्दगी

मे अज़ल से बंदा-ए-इश्क हूं, मुझे जो-दो-कुफ्र का गम नहीं
मेरे सर को दर तेरा मिल गया , मुझे अब तलाश-ए-हरम नहीं
मेरी बंदगी है वो बंदगी, जो रहीमे -ए-दर-ओ-हरम नहीं
मेरा इक नज़र तुझे देखना, वो नमाज़ से काम नहीं

बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….
बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….

तेरा नाम लू जुबा से, तेरे आगे सर झुका दूँ
मेरा इश्क कह रहा है, में तुझे खुदा बना लूँ
तेरा नाम मेरे लब पर, मेरा तजकरा है दर दर
मुझे भूल जाए दुनिया, में अगर तुझे भुला दूँ
मेरे दिल में बस रहे है, तेरे बेपनाह जलवे
ना हो जिस में नूर तेरा, वो चराग ही बुझा दूँ

तेरी दिल लगी के सदके
तेरी संगदिली के कुरबा
मेरे गम पे हसने वाले
तुझे कोन सी दुआ दू

क़यामत में तेरा दाग-ए-मोहब्बत ले कर उठूँगा
तेरी तस्वीर उस दम भी कलेजे से लगी होगी

बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….
बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….

ले कर तुम्हारा नाम जहा सर झुका दिया
मेने उसी दायर का काबा बना लिया

बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….
बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है …

ना नमाज़ आती है मुझको, ना वजू आता है
सजदा कर लेता हूँ, जब सामने तू आता है

बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….
बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….

तेरा प्यार है मेरी ज़िन्दगी
तेरा प्यार है मेरी ज़िन्दगी

तेरा प्यार है बस मेरी ज़िन्दगी
तेरा प्यार है बस मेरी ज़िन्दगी

मे अज़ल से बंदा-ए-इश्क हूं, मुझे जो-दो-कुफ्र का गम नही
मेरे सर को दर तेरा मिल गया , मुझे अब तलाश-ए-हरम नहीं
मेरी बंदगी है वो बंदगी, जो रहीमे -ए-दर-ओ-हरम नहीं
मेरा इक नज़र तुझे देखना, वो नमाज़ से काम नहीं

बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….
बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….

तेरा नाम लू जुबा से, तेरे आगे सर झुका दूँ
मेरा इश्क कह रहा है, में तुझे खुदा बना लूँ
तेरा नाम मेरे लब पर, मेरा तजकरा है दर दर
मुझे भूल जाए दुनिया, में अगर तुझे भुला दूँ
मेरे दिल में बस रहे है, तेरे बेपनाह जलवे
ना हो जिस में नूर तेरा, वो चराग ही बुझा दूँ

तेरी दिल लगी के सदके
तेरी संगदिली के कुरबा
मेरे गम पे हसने वाले
तुझे कोन सी दुआ दू

क़यामत में तेरा दाग-ए-मोहब्बत ले कर उठूँगा
तेरी तस्वीर उस दम भी कलेजे से लगी होगी

बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….
बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….

ले कर तुम्हारा नाम जहा सर झुका दिया
मेने उसी दायर का काबा बना लिया

बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….
बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है …

ना नमाज़ आती है मुझको, ना वजू आता है
सजदा कर लेता हूँ, जब सामने तू आता है

बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….
बस मेरी ज़िन्दगी तेरा प्यार है ….

तेरा प्यार है मेरी ज़िन्दगी
तेरी याद है मेरी बंदगी
जो तेरी ख़ुशी वो मेरी ख़ुशी

ये मेरे जुनू का है मोजजा
जहा अपने सर को झुका दिया
वही मेने काबा बना दिया

कभी मेरे सामने आइये

मूसा नहीं हु में मुझे तबे नज़र भी है पर….

कभी मेरे सामने आइये

वो दूर ही था जो जल गया था
वो कलीम ही थे जो गिर पड़े थे
में अब भी सीना सफ़र हु लेकिन…

कभी मेरे सामने आइये

में मूसा नहीं जो गिर जाऊ
मुझे गिर के सम्भलना आता है

कभी मेरे सामने आइये

कभी मेरे सामने आइये
मुझे अपना जलवा दिखाइये
मेरे दिल की प्यास बुझाइये
ये है कैसा प्यार बताइये
जो कहा नकाब उठाइये
तो ज़रा सा जलवा दिखा दिया

मेरे बाद किसको सताओगे

उम्र भर पछताओगे तुम मुझे ठुकराने के बाद
किस पे तोड़ोगे सितम फिर मेरे मिट जाने के बाद..
अच्छा..

मेरे बाद किसको सताओगे

ये अदाए बेनियाजी तुझे बेवफा मुबारिक
मगर ऐसी बेरुखी क्या जो सलाम तक ना पहुचे
अच्छा..

मेरे बाद किसको सताओगे

मेने कहा निगाह है ये
उसने कहा ये तीर है
मेने कहा अबरू है ये
उसने कहा शमशीर है

मेने कहा चेहरे पे क्यू बलखाती है जुल्फे बता
उसने कहा ये आशिकों के वास्ते ज़ंजीर है
मेने कहा फुरकत मे तेरी जान से खेला हु मै
उसने कहा जिन्दा रहा ये भी तेरी तकदीर है
मेने तुम्हे दिल दिया, तुमने मुझे रुसवा किया
मेने तुमसे क्या किया और तुमने मुझसे क्या किया
अच्छा..

मेरे बाद किसको सताओगे

दिल जलो से दिल लगी अच्छी नहीं
रोने वालो से हसी अच्छी नहीं
दिल लगी ही दिल लगी में दिल गया
दिल लगाने का नतीजा मिल गया
में तो रोता हु की मेरा दिल गया
तुम क्यों हस्ते हो तुम्हे क्या मिल गया
अच्छा..

मेरे बाद किसको सताओगे

जो पूछा के किस तरह होती है बारिश, जबी से पसीने की बुँदे गिरा दी
जो पूछा के किस तरह गिरती है बिजली, निगाहें मिलाई मिला का झुका दी
जो पूछा शब्-ओ-रोज़ मिलते है कैसे, तो चेहरे पे अपने वो जुल्फें हटा दी
जो पूछा के नगमों में जादू है कैसा, तो मीठे तकल्लुम में बाते सुना दी
जो अपनी तमन्नाओ हाल पूछा, तो जलती हुई चंद शम्मे बुझा दी
में कहता रह गया खाता-ए-मोहब्बत की अच्छी सजा दी
मेरे दिल की दुनिया बना कर मिटा दी
अच्छा..

मेरे बाद किसको सताओगे

मेरी वफाए याद करोगे
रोओगे फरियाद करोगे
मुझको तो बरबाद किया है
और किसे बरबाद करोगे
फिर …

मेरे बाद किसको सताओगे
मुझे किस तरह से मिटाओगे
कहाँ जा के तीर चलाओगे

मेरी दोस्ती की बलाएँ लो
मुझे हाथ उठा कर दुआएँ दो
तुम्हें एक कातिल बना दिया
मुझे देखो खुवाहिशे-जान-ए-जा
में वही हूं अनवर-ए-नीम जा

तुम्हें इतना होश था जब कहाँ
ना चलाओ इस तरह तुम जबा
करो मेरा शुक्रिया मेहेरबा
तुम्हें बात करना सिखा दिया

ये जो हल्का हल्का सुरूर है
ये तेरी नज़र का कुसूर है
के शराब पीना सिखा दिया


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